पूर्वी चंपारण में आयोजित कार्यक्रम में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन में सामुदायिक सहभागिता को बताया गया महत्वपूर्ण।
पूर्वी चंपारण के जिला जनसंपर्क कार्यालय के तत्वावधान में ‘जल-जीवन-हरियाली दिवस’ के अवसर पर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), मोतिहारी के कार्यालय में संपन्न हुआ। परिचर्चा में डीआरडीए निदेशक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जल-जीवन-हरियाली के जिला मिशन प्रबंधक, मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अभियंताओं सहित डीआरडीए के अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा जिले में जल-जीवन-हरियाली अभियान और मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति साझा की गई। इसमें पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, पौधरोपण तथा भू-जल स्तर में सुधार से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा शामिल रही। परिचर्चा में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यह कार्यक्रम जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ।
