मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में 19.98 लाख रुपये के साथ पकड़े गए यूपी के युवक का मामला अब नकली नोट गिरोह तक पहुंच गया है। अरेराज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पंकज कुमार मिश्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को बताया कि पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित नकली नोटों के कारोबार से जुड़े एक गिरोह का सदस्य है। उसके मोबाइल से नकली नोटों को लेकर चैटिंग मिली है और गिरोह के एक फरार सदस्य के बेतिया स्थित घर से 350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस मामले की पहली खबर हमने आज सुबह दी थी: हरसिद्धि: बैग से 19.98 लाख कैश बरामद, दो साथी फरार।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र के बरहलगंज निवासी हरेराम शाही के पुत्र रोहित कुमार शाही (35) के रूप में हुई है। उसके बैग से 500 रुपये के नोटों की 40 गड्डियां मिली थीं, जिनकी गिनती 19 लाख 98 हजार 500 रुपये निकली। पुलिस के अनुसार, आरोपित इस रकम के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बरामद रकम खुद नकली है या नहीं, इस पर पुलिस ने अभी कुछ नहीं कहा है।
कैसे पकड़ा गया
एसडीपीओ के मुताबिक, डायल 112 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश नंबर की एक फॉर्च्यूनर और एक टाटा नेक्सन में सवार कुछ लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं। आशंका थी कि ये लोग नकली नोटों के कारोबार से जुड़े हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में हरसिद्धि थाना पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया गया।
इसके बाद अरेराज-मोतिहारी मुख्य पथ पर मानिकपुर चौक के पास वाहन जांच शुरू हुई। तेज रफ्तार से आ रही यूपी नंबर की फॉर्च्यूनर जांच से बचकर निकल गई। उसके पीछे आ रही टाटा नेक्सन को रोका गया, तो उसमें से एक व्यक्ति बैग लेकर उतरा और भागने लगा। पुलिस बल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया, लेकिन इसी बीच नेक्सन भी मौके से फरार हो गई। पूछताछ में पकड़े गए आरोपित ने फरार साथियों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी।
पुलिस ने आरोपित का मोबाइल खंगाला तो उसमें सोनू सिंह नामक व्यक्ति के साथ नकली नोटों को लेकर बातचीत मिली। मोबाइल के रीसायकल बिन में एक ही नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीर भी मिली, जिसे पुलिस प्रथम दृष्टया नकली नोटों से जुड़ा मान रही है।
एक लाख के बदले चार लाख का झांसा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपित ने बताया कि गिरोह के सदस्य गोरखपुर के रहने वाले हैं और बिहार आकर नकली नोटों की हेराफेरी करते हैं। गिरोह लोगों को असली नोटों के बदले चार गुना नकली नोट देने का लालच देता था। यानी एक लाख रुपये असली देने पर चार लाख रुपये के नकली नोट देने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह बिहार में किन-किन जगहों पर नकली नोट खपाता था और इसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
बेतिया में छापा: 10 कारतूस मिले
आरोपित से पूछताछ और मोबाइल में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के आगे-पीछे के संपर्कों (बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज) की जांच शुरू की। मोतिहारी और बेतिया जिले में संबंधित थानों की मदद से कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी हुई। पश्चिम चंपारण के बानू छापर थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर भी पुलिस पहुंची, लेकिन वह पहले ही फरार हो चुका था। घर की तलाशी में 350 बोर के 10 जिंदा कारतूस मिले। इस पर बानू छापर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, अशोक मिश्रा पर नकली नोटों के कारोबार से जुड़े करीब आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं।
सवाल: फॉर्च्यूनर-नेक्सन कैसे निकल गईं
पुलिस के पास पहले से दोनों गाड़ियों की सूचना थी, फिर भी फॉर्च्यूनर और नेक्सन दोनों जांच से निकल गईं। फरार लोगों की पहचान और गाड़ियों का पता लगाना अब जांच की सबसे बड़ी कड़ी है। एसडीपीओ ने बताया कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और नकली नोटों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।
छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक मुनीर आलम, हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार और अपर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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स्रोत: एसडीपीओ अरेराज / हरसिद्धि पुलिस

