मोतिहारी | 27 सितंबर 2026 | जिला प्रशासन के सुबह 7 बजे के आंकड़े
नेपाल में पानी बढ़ने के साथ गंडक नदी का दबाव भी बढ़ रहा है। रविवार सुबह 7 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 4,04,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज हुआ। इससे भी महत्वपूर्ण संकेत नेपाल के देवघाट से मिल रहा है, जहां सुबह 6:55 बजे 5,25,600 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया और ट्रेंड Rising है।
अभी आंकड़ा क्या कह रहा है?
क्यूसेक — वाल्मीकिनगर बैराज डिस्चार्ज
क्यूसेक — देवघाट, नेपाल डिस्चार्ज
वाल्मीकिनगर बैराज U/S जलस्तर
एक नजर में समझिए: पानी किस दिशा में जा रहा है?
ग्राफ में 2024 के 5.625 लाख क्यूसेक पीक को 100% आधार मानकर वर्तमान डिस्चार्ज की तुलना दिखाई गई है।
आंकड़ों को घंटेवार देखें तो स्थिति और साफ होती है। रात 10 बजे वाल्मीकिनगर बैराज का अपस्ट्रीम डिस्चार्ज 3,28,400 क्यूसेक था। रात 12 बजे यह बढ़कर 3,57,600, रात 2 बजे 3,72,800, सुबह 4 बजे 3,84,200 और सुबह 6 बजे 4,00,000 क्यूसेक पहुंच गया। सुबह 7 बजे यह बढ़कर 4,04,000 क्यूसेक दर्ज हुआ।
2024 में क्या हुआ था? यही है सबसे जरूरी तुलना
बिहार जल संसाधन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 28 सितंबर 2024 की रात 10 बजे वाल्मीकिनगर बैराज का अधिकतम डिस्चार्ज 5,62,500 क्यूसेक दर्ज हुआ था। विभाग के रिकॉर्ड में यह 2024 की बाढ़ का अधिकतम डिस्चार्ज और 2003 के बाद का सबसे बड़ा डिस्चार्ज था।
यानी अभी का डिस्चार्ज 2024 के उस पीक का करीब 72 प्रतिशत है। लेकिन दोनों परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं—2024 का आंकड़ा उस समय का पीक था, जबकि आज सुबह का आंकड़ा फिलहाल बढ़ते ट्रेंड के बीच दर्ज हुआ है।
2024 में चंपारण में क्यों याद किया गया वह दौर?
सितंबर 2024 के आखिरी सप्ताह में गंडक का प्रवाह बेहद बढ़ गया था। 28 सितंबर को वाल्मीकिनगर बैराज का डिस्चार्ज 5.625 लाख क्यूसेक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा। इसके बाद चंपारण समेत बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई।
29 सितंबर 2024 की रिपोर्टों में पश्चिमी चंपारण में गंडक के बाएं किनारे के तटबंध के क्षतिग्रस्त होने और निचले इलाकों में पानी फैलने की जानकारी सामने आई थी। पूर्वी चंपारण भी प्रभावित जिलों में शामिल था।
2024 में गंडक बैराज का पीक — 5.625 लाख क्यूसेक
आज सुबह 7 बजे — 4.04 लाख क्यूसेक
नेपाल देवघाट, सुबह 6:55 बजे — 5.256 लाख क्यूसेक और Rising Trend
नेपाल का आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण है?
वाल्मीकिनगर बैराज पर अभी 4.04 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज हुआ है, लेकिन नेपाल के देवघाट में सुबह 6:55 बजे 5,25,600 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में इसका ट्रेंड Rising है। इसका मतलब है कि आने वाले घंटों में नेपाल क्षेत्र से आने वाले पानी के प्रवाह पर नजर रखना जरूरी है।
इसी वजह से केवल बैराज का मौजूदा आंकड़ा देखने के बजाय देवघाट का डिस्चार्ज + वाल्मीकिनगर बैराज का ट्रेंड + पूर्वी चंपारण के नदी घाटों का जलस्तर—तीनों को साथ देखकर स्थिति समझनी होगी।
पूर्वी चंपारण में अभी कौन सा आंकड़ा ध्यान खींच रहा है?
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की 26 सितंबर की जलस्तर रिपोर्ट में डुमरिया घाट (गंडक) का जलस्तर 62.88 मीटर दर्ज किया गया था और इसे रिपोर्ट में Above DL यानी खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं अहिरौलिया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 54.42 मीटर था और वह रिपोर्ट में Below DL दर्ज है।
इसलिए फिलहाल पूरी तस्वीर एक जैसी नहीं है। अलग-अलग नदी और घाट पर जलस्तर की स्थिति अलग है। गंडक के प्रवाह में बढ़ोतरी और नेपाल के देवघाट के Rising Trend को देखते हुए अगले आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।
अगले अपडेट में सबसे अहम क्या देखना होगा?
- देवघाट: 5.256 लाख क्यूसेक से आगे पानी बढ़ता है या घटता है।
- वाल्मीकिनगर: 4.04 लाख क्यूसेक के बाद डिस्चार्ज किस दिशा में जाता है।
- डुमरिया घाट: खतरे के स्तर से ऊपर चल रहे जलस्तर में बढ़ोतरी या कमी।
- गंडक के अन्य घाट: जलस्तर का ट्रेंड Rising, Steady या Falling क्या रहता है।
फिलहाल सबसे सीधी बात यही है: गंडक में पानी का दबाव बढ़ रहा है, वाल्मीकिनगर बैराज से 4.04 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है और नेपाल के देवघाट पर 5.256 लाख क्यूसेक का Rising Trend दर्ज है। यह आंकड़ा 2024 के बड़े बाढ़ दौर के पीक से नीचे जरूर है, लेकिन मौजूदा बढ़ते ट्रेंड के कारण अगले कुछ घंटों के आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे।
स्रोत: मोतिहारी जिला प्रशासन / जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पूर्वी चंपारण; बिहार जल संसाधन विभाग के बाढ़ संबंधी रिकॉर्ड।

