शनिवार, 7 नवंबर 2026 LIVE Daily Breakings — खबर सबसे पहले
ताजा और भरोसेमंद खबरें
ब्रेकिंग

योगी का बड़ा बयान: “मंदिर के लिए सत्ता जाए तो जाए”

अयोध्या खूब गरजे सीएम योगी

3 मिनट पढ़ने का समय
शेयर करें
अयोध्या में योगी
अयोध्या में गरजते सीएम योगी आदित्यनाथ
खबर व संपादन: धीरज श्रीवास्तव

– धर्म और सियासत का नया शंखनाद

अयोध्या, 21 मार्च 2025:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। योगी ने कहा, “मंदिर के लिए अगर सत्ता भी चली जाए, तो जाए। हमारी प्राथमिकता संस्कृति और धर्म की रक्षा करना है, कुर्सी की नहीं।” यह बयान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ‘हिंदुत्व’ एजेंडे को और मजबूत करने की ओर साफ इशारा करता है।

क्या हुआ सभा में?

अयोध्या के रामकथा पार्क में आयोजित इस सभा में योगी ने राम मंदिर आंदोलन की यादें ताजा कीं। उन्होंने कहा, “जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, वो आज इतिहास के कूड़ेदान में हैं। हमने जो कहा, वो किया। अब अयोध्या सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।” योगी ने यह भी जोड़ा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए वो किसी भी हद तक जाएंगे, भले ही इसका सियासी नुकसान क्यों न हो। सभा में मौजूद हजारों समर्थकों ने “जय श्री राम” के नारों से आसमान गूंजा दिया। योगी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हुआ, बल्कि सांस्कृतिक गौरव भी लौटा है।

विपक्ष का पलटवार

योगी के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “ये सत्ता छोड़ने की बातें सिर्फ ड्रामा हैं। जनता सब जानती है कि कुर्सी के लिए ये क्या-क्या कर सकते हैं।” वहीं, कांग्रेस ने इसे “चुनावी स्टंट” करार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “जब विकास की बात आती है, तो ये धर्म की बात छेड़ते हैं। यूपी में बेरोजगारी और अपराध पर ध्यान क्यों नहीं?”

बीजेपी का समर्थन

बीजेपी नेताओं ने योगी के बयान को “संस्कृति का शंखनाद” बताया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “योगी जी का ये बयान हर उस भारतीय के दिल की बात है, जो अपनी पहचान को बचाना चाहता है। विपक्ष को ये समझ नहीं आएगा, क्योंकि उनका इतिहास ही तुष्टिकरण का रहा है।”

सियासी विश्लेषण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी का ये बयान 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले हिंदुत्व को फिर से मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। प्रोफेसर रमेश दीक्षित कहते हैं, “ये बयान बीजेपी के कोर वोटरों को एकजुट करने की कोशिश है। लेकिन अगर सत्ता सच में खतरे में आई, तो क्या योगी ऐसा जोखिम लेंगे? ये देखना बाकी है।”

जनता की राय

अयोध्या के स्थानीय लोगों में इस बयान को लेकर उत्साह है। एक दुकानदार राम प्रसाद ने कहा, “योगी जी सही कहते हैं। मंदिर हमारी आस्था है, इसके लिए कुछ भी कुर्बान कर सकते हैं।” वहीं, कुछ युवाओं का कहना है कि रोजगार और शिक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए।

About The Author

Share: WhatsApp Facebook X Telegram
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को IT नियम 2021 के नियम 18 के तहत जानकारी प्रदान की गई है | Information furnished to MIB under Rule 18, IT Rules 2021
📱

Daily Breakings App

खबरों से हमेशा जुड़े रहें

अब Daily Breakings की खबरें अपने मोबाइल पर और भी आसानी से पढ़ें।

⬇️ अभी App डाउनलोड करें

✓ आधिकारिक Daily Breakings App