मोतिहारी/सीतामढ़ी : पूर्वी चंपारण के चिरैया में एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालक से 4.28 लाख रुपये लूटने के मामले में फरार चल रहे दो कुख्यात अपराधी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। सीतामढ़ी में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने के बाद मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के चिरैया CSP लूटकांड में शामिल होने की पुष्टि पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने की है। दोनों इस मामले में फरार चल रहे थे और पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था।
सीतामढ़ी में हुई कार्रवाई के दौरान तीन अपराधी पुलिस की गोली से घायल हुए हैं। इनमें मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार भी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार और गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
चिरैया CSP लूटकांड के बाद से चल रहे थे फरार
मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार के खिलाफ पुलिस की तलाश लंबे समय से चल रही थी। 30 जुलाई 2026 को चिरैया थाना क्षेत्र में एसबीआई के CSP संचालक मुकेश कुमार को निशाना बनाकर अपराधियों ने 4.28 लाख रुपये लूट लिए थे। इसी वारदात में CSP संचालक को गोली भी मारी गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान की गई। गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी थी। बाद में चिरैया थाना कांड संख्या 435/26 में फरार चल रहे तीन अपराधियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इनमें मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार भी शामिल थे।
बैंक से 4.28 लाख निकालकर CSP लौट रहे थे मुकेश
चिरैया का यह लूटकांड इसलिए भी गंभीर था क्योंकि अपराधियों ने वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब CSP संचालक बैंक से बड़ी रकम लेकर अपने केंद्र की ओर लौट रहे थे। CSP संचालक मुकेश कुमार ने बैंक से 4.28 लाख रुपये निकाले थे। इसके बाद वह अपनी बाइक से CSP की ओर जा रहे थे।
रास्ते में बाइक सवार अपराधियों ने उनका पीछा किया। अपराधियों ने मौका देखकर उन्हें घेर लिया। विरोध और बचने की कोशिश के दौरान बदमाशों ने गोली चला दी। गोली CSP संचालक की बांह में लगी। इसके बाद अपराधियों ने उनके पास मौजूद नकदी और मोबाइल अपने कब्जे में लिया और मौके से फरार हो गए।
गोली लगने के बाद घायल CSP संचालक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके में पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े किए थे।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने गठित कराई थी विशेष टीम
लूटकांड की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले के उद्भेदन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने घटनास्थल और अपराधियों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच के साथ संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद मामले में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जाती रही। फरार अपराधियों पर इनाम घोषित करना भी इसी कार्रवाई का हिस्सा था।
15-15 हजार रुपये का घोषित था इनाम
चिरैया CSP लूटकांड में फरार चल रहे तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की ओर से इनके बारे में सूचना देने की अपील भी की गई थी। इसके बावजूद मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे।
अब सीतामढ़ी में मुठभेड़ के बाद दोनों की गिरफ्तारी से चिरैया CSP लूटकांड की जांच को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने दोनों के इस मामले में शामिल होने की पुष्टि की है।
सीतामढ़ी में पुलिस से हुई मुठभेड़
सीतामढ़ी पुलिस की कार्रवाई एक दूसरे आपराधिक मामले में फरार आरोपितों की तलाश के दौरान हुई। पुलिस टीम को संदिग्ध अपराधियों के एक साथ मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की।
पुलिस के अनुसार, बाइक सवार अपराधियों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे। पीछा किए जाने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद पुलिस और अपराधियों के बीच फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में तीन अपराधी गोली लगने से घायल हुए। इनमें मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार भी थे।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है कि उनका इस्तेमाल पहले की किन आपराधिक घटनाओं में हुआ है।
खुलेगा लूट के पूरे नेटवर्क का राज
मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस चिरैया CSP लूटकांड के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि CSP संचालक के पास 4.28 लाख रुपये होने की जानकारी अपराधियों को कैसे मिली थी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वारदात की रेकी किसने की, लूट की रकम किसके पास पहुंची और घटना के बाद अपराधी किन रास्तों से फरार हुए।
इसके अलावा वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। पुलिस गिरफ्तार दोनों अपराधियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि लूट की योजना कहां बनी थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
हथियारों की जांच भी अहम
सीतामढ़ी मुठभेड़ के बाद बरामद हथियारों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी। यदि इन हथियारों का इस्तेमाल चिरैया CSP लूटकांड या अन्य घटनाओं में हुआ है तो पुलिस को कई पुराने मामलों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।
पुलिस गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पूर्व के आपराधिक मामलों की भी पड़ताल करेगी। इससे गिरोह के दूसरे सदस्यों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
चिरैया CSP लूटकांड : पूरा घटनाक्रम
- 30 जुलाई 2026 : CSP संचालक से 4.28 लाख रुपये की लूट
- लूट के दौरान संचालक मुकेश कुमार को गोली मारी गई
- चिरैया थाना कांड संख्या 435/26 दर्ज
- मामले में फरार तीन अपराधियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम
- मणिशंकर सिंह और इंदल कुमार लंबे समय से फरार चल रहे थे
- सीतामढ़ी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दोनों को गोली लगी
- मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया
- एसपी स्वर्ण प्रभात ने दोनों के चिरैया CSP लूटकांड में शामिल होने की पुष्टि की
चिरैया पुलिस की जांच अब किस दिशा में बढ़ेगी
दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद चिरैया पुलिस के सामने अब लूट की रकम की बरामदगी और गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की चुनौती होगी। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस लूट की रकम, घटना में इस्तेमाल वाहन, हथियार और वारदात की साजिश से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश करेगी।
सीतामढ़ी में हुई कार्रवाई ने पूर्वी चंपारण के इस चर्चित CSP लूटकांड की जांच को नई दिशा दी है। अब पुलिस की पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि 4.28 लाख रुपये की लूट के पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इस गिरोह ने इससे पहले कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
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