मोतिहारी। मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं रहे। ‘वेलकम’ समेत कई फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों को गुदगुदाने वाले मुश्ताक खान के निधन की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक है। लेकिन उनके निधन के बीच मोतिहारी और मुश्ताक खान से जुड़ी एक ऐसी कहानी भी सामने आई है, जो शायद चंपारण के बहुत कम लोगों को पता होगी।
मुश्ताक खान के मोतिहारी आने का कोई प्रमाण सामने नहीं आता, लेकिन उनका मोतिहारी से जुड़ाव एक वेबसीरीज के जरिए जरूर रहा था। वर्ष 2022 में मोतिहारी से प्रकाशित एक रिपोर्ट में ‘झोलाछाप’ नाम की वेबसीरीज का जिक्र हुआ था। खास बात यह थी कि इस प्रोजेक्ट में चंपारण की धरती से निकले स्थानीय कलाकार गौरव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता मुश्ताक खान ने इसमें झोलाछाप डॉक्टर का किरदार निभाया था।
मोतिहारी के कलाकार गौरव भी थे अहम भूमिका में
मोतिहारी के मिशन चौक निवासी गौरव उस समय बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक वह ‘झोलाछाप’ में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आए थे। गौरव इससे पहले ‘काश’, ‘सांझ’, ‘किरण’ और ‘ओ री चिरैया’ जैसी फिल्मों से भी चर्चा में आ चुके थे।
यानी एक तरफ चंपारण का स्थानीय कलाकार और दूसरी तरफ बॉलीवुड के अनुभवी अभिनेता मुश्ताक खान—दोनों एक ही प्रोजेक्ट का हिस्सा थे। यही वह कड़ी है, जो आज मुश्ताक खान के निधन के बाद इस प्रोजेक्ट को मोतिहारी के संदर्भ में फिर से चर्चा में ले आती है।
मुश्ताक खान ने निभाया था झोलाछाप डॉक्टर का किरदार
‘झोलाछाप’ की कहानी ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था और ऐसे लोगों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जो बिना उचित चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करते हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार सात एपिसोड वाली इस सीरीज में मुश्ताक खान ने झोलाछाप डॉक्टर की भूमिका निभाई थी, जबकि चित्तरंजन त्रिपाठी ने दवा दुकानदार का किरदार निभाया था।
बाद के OTT रिकॉर्ड में भी ‘Jholachap’ के कलाकारों में Mehak Manwani, Chittaranjan Tripathy और Mushtaq Khan के नाम दर्ज हैं। Prime Video की लिस्टिंग इसे 2024 की करीब दो घंटे लंबी ड्रामा फिल्म के रूप में दिखाती है और निर्देशक के तौर पर Jyotiprakash का नाम देती है।
कहानी में दिखाया गया था गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था का सच
फिल्म के निर्देशक ज्योतिप्रकाश ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि इस कहानी की प्रेरणा महामारी के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पैदा हुए अनुभवों से मिली। उनके मुताबिक कहानी ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक डॉक्टर और गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। फिल्म में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की समस्याओं और झोलाछाप डॉक्टरों पर भी फोकस किया गया था।
आज मुश्ताक खान के निधन के बाद फिर याद आया यह कनेक्शन
मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आने के बाद उनकी फिल्मों और किरदारों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं। ‘वेलकम’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को याद किया जा रहा है।
इसी बीच मोतिहारी से जुड़ी ‘झोलाछाप’ की यह पुरानी कहानी भी सामने आती है। खास बात यह है कि इसमें मोतिहारी के स्थानीय कलाकार गौरव के साथ मुश्ताक खान ने काम किया था।
मुश्ताक खान भले ही मोतिहारी की गलियों में शूटिंग करते नजर नहीं आए हों, लेकिन एक ऐसी कहानी का हिस्सा जरूर बने, जिसमें मोतिहारी के कलाकार की भी अहम मौजूदगी थी। यही जुड़ाव आज उनके निधन के मौके पर चंपारण के लिए उनकी एक अलग याद बन गया है।

