– 56 साल की उम्र में कैंसर बीमारी के कारण हुआ निधन
मुंबई। हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। ‘वेलकम’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘जोड़ी नंबर 1’ और ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों में अपने यादगार सहायक और कॉमिक किरदारों से पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान ने मुंबई के नानावती अस्पताल में अंतिम सांस ली।
रिपोर्टों के मुताबिक मुश्ताक खान पिछले करीब 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया कि अभिनेता ने गुरुवार शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली। उनके मुताबिक बीमारी दोबारा लौटने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
‘वेलकम’ के इस किरदार ने घर-घर दिलाई पहचान
मुश्ताक खान ने अपने करियर में ज्यादातर सपोर्टिंग और कॉमेडी किरदार निभाए, लेकिन उनकी स्क्रीन मौजूदगी ऐसी थी कि छोटे रोल भी दर्शकों के बीच याद रह जाते थे।
2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में उनका किरदार विशेष रूप से लोकप्रिय हुआ। फिल्म में उनके ‘मेरी एक टांग नकली है…’ वाले संवाद ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई। इस फिल्म में उन्होंने अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ समेत कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया था।
इसके अलावा वह ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘आशिकी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘राउडी राठौर’, ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में नजर आए। फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन पर भी काम किया और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे चर्चित शो का हिस्सा रहे।
थिएटर से शुरू हुआ था सफर
मुश्ताक खान का जन्म मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में हुआ था। उनके जन्म वर्ष को लेकर ऑनलाइन स्रोतों में कुछ अंतर मिलता है, लेकिन हालिया रिपोर्टों में उनकी उम्र 56 वर्ष बताई गई है और 31 दिसंबर 1969 की जन्मतिथि का उल्लेख किया गया है।
फिल्मों में आने से पहले मुश्ताक खान थिएटर से जुड़े थे। मुंबई आने के बाद उन्होंने नाटकों में काम किया। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके थिएटर काम को अभिनेता-लेखक सलीम खान ने देखा और उन्हें फिल्मकार महेश भट्ट तक पहुंचने का रास्ता मिला। इसके बाद उन्हें महेश भट्ट की फिल्म ‘कब्जा’ में काम करने का मौका मिला।
इसके बाद ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’ और ‘धरावी’ जैसी फिल्मों ने उनके शुरुआती फिल्मी सफर को आगे बढ़ाया।
तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में कई यादगार किरदार
मुश्ताक खान ने हिंदी फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर में लंबे समय तक काम किया। उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने मुख्य अभिनेता के बजाय चरित्र और सहायक भूमिकाओं में अपनी अलग पहचान बनाई।
‘वेलकम’ के अलावा ‘हेरा फेरी’, ‘गदर’, ‘जोड़ी नंबर 1’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी दर्शकों को याद रही। टीवी पर भी उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए।
2024 में अपहरण के कारण भी रहे थे चर्चा में
मुश्ताक खान नवंबर 2024 में अपने कथित अपहरण को लेकर भी सुर्खियों में आए थे। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर फिरौती मांगे जाने का आरोप सामने आया था। पुलिस के अनुसार वह किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से निकलने में सफल रहे थे।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
मुश्ताक खान अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके परिवार ने निजी जीवन को हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा। उनके छोटे बेटे मोहसिन खान ने भी फिल्म इंडस्ट्री में काम किया और निर्देशन व प्रोडक्शन से जुड़े हैं।
अंतिम संस्कार 25 सितंबर को
रिपोर्टों के मुताबिक मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार शुक्रवार, 25 सितंबर को किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।
मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी सफर में भले ही ज्यादातर सहायक किरदार निभाए, लेकिन उनकी खास अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई। ‘वेलकम’ का उनका यादगार किरदार और संवाद लंबे समय तक उनके प्रशंसकों के बीच याद किया जाता रहेगा।

