खाते में 7.95 लाख रुपये जमा न करने और सेवा में त्रुटि पर जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
जिला उपभोक्ता आयोग ने मोतिहारी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की अरेराज शाखा की सेवा में त्रुटि पाते हुए आवेदक को हर्जाना सहित 8,20,000 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष गिरीश मिश्र और सदस्य संजीव कुमार की पीठ ने साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई पूरी करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और मैनेजिंग डायरेक्टर की सेवा में लापरवाही पाई।
मामले के अनुसार, कोटवा थाना क्षेत्र के डुमरा निवासी सतेंद्र पांडेय (पिता ध्रुव पांडेय) ‘ऋषि एंड सन्स’ पार्टनरशिप फर्म के संचालक हैं। उनकी फर्म का चालू खाता मोतिहारी को-ऑपरेटिव बैंक की अरेराज शाखा में है। उन्होंने 27 जुलाई 2020 को अपने खाते में 7,95,000 रुपये जमा कराए थे, जिसकी जमा पर्ची तत्कालीन कैशियर द्वारा दी गई थी। हालांकि, यह राशि उनके खाते में जमा नहीं की गई।
रकम खाते में दर्ज न होने पर आवेदक ने बैंक के कई चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन दिया गया। इसके बाद उन्होंने 29 नवंबर 2023 को संबंधित अधिकारियों को वकालतन नोटिस दिया। बैंक द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर सतेंद्र पांडेय ने 9 मार्च 2024 को आयोग में परिवाद संख्या 41/2024 दायर किया था।
मामले में सुनवाई के बाद आयोग ने बैंक को मूल राशि 7,95,000 रुपये तथा मानसिक पीड़ा और वाद खर्च के मद में 25,000 रुपये, यानी कुल 8,20,000 रुपये दो महीने के भीतर संयुक्त रूप से भुगतान करने का आदेश दिया। समय पर भुगतान न करने पर आदेश की तिथि से भुगतान की तिथि तक 7 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज देना होगा। इसके अलावा आयोग ने बैंक प्रबंधन को छूट दी है कि वह इस राशि का भुगतान तत्कालीन कैशियर (विपक्षी संख्या 2) से प्राप्त कर सकता है या उसकी देयता से कटौती कर सकता है।

